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Hindi Grammar and Composition

Part of the UPPSC RO/ARO study roadmap. Hindi topic hindi-002 of Hindi.

Hindi Grammar and Composition

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Hindi Grammar and Composition — Quick Facts for UPPSC RO/ARO

Core Grammar Concepts:

  • संज्ञा (Noun): व्यक्ति, स्थान, वस्तु, गुण, क्रिया या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं
  • सर्वनाम (Pronoun): संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द
  • विशेषण (Adjective): संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द
  • क्रिया (Verb): कार्य करने या होने के भाव को व्यक्त करने वाले शब्द
  • क्रिया-विशेषण (Adverb): क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्द

Parts of Speech (वाक्य के पद):

HindiEnglishExample
संज्ञाNounपुस्तक, दिल्ली, बालक
सर्वनामPronounवह, मैं, तुम
विशेषणAdjectiveसुंदर, बड़ा, इस
क्रियाVerbखाना, पढ़ना, जाना
क्रिया-विशेषणAdverbधीरे, आज, वहाँ
योजक (संयोजक)Conjunctionऔर, कि, परंतु
निपातInterjectionअरे!, आह!, वाह!
उपसर्गPrefixप्र + पुरुष = प्रपुरुष
प्रत्ययSuffixबालक + इक = बालकीय
कारकPostpositionमें, से, के लिए

कारक (Karak/Case) — Key Points:

कारकचिह्नExample
कर्ता-ने (ने)लड़का पढ़ता है
कर्म-कोलड़के को पुस्तक दो
करण-सेकलम से लिखो
संप्रदान-को/केबच्चे को खाना दो
अधिकरणमेंघर में बैठो
संबंधका/की/केपिता की कार
अपादान-सेघर से आओ

समास (Compound/Samas) — Types:

समासविग्रह (Separation)Example
द्वंद्वदोनों पदों को मिलाकरराजा-रानी
तत्पुरुषअंतिम पद प्रधानगुरुजी का पुत्र (गुरुजी-पुत्र)
बहुव्रीहिदोनों पदों का विशेषण/कर्ममुखपत्र (मुख के लिए पत्र)
कर्मधारयविशेषण+संज्ञामहान व्यक्ति
देशजआयातित/स्थानीयचाय

छंद (Figures of Speech):

छंदपरिभाषाउदाहरण
अनुप्रासएक ही वर्ण/ध्वनि की आवृत्ति”वह गिरि पर गंगा धारा” (ग,र,आ का अनुप्रास)
यमकएक ही शब्द का पुनः”मूल sanskrit” में मूल
उपमातुल्यता दर्शाता है”मुख चंद्रमा के समान”
रूपकउपमा का लोप”तुम मेरे प्रभु हो”
अतिशयोक्तिअत्यंत बढ़ा-चढ़ाकर”हड़ताल सैकड़ों वर्ष चली”

⚡ UPPSC Exam Tips:

  • कारक चिह्न सदा संज्ञा/सर्वनाम के साथ लगते हैं, क्रिया के साथ नहीं
  • समास-विग्रह में मध्य-पद प्रधान हो तो तत्पुरुष समास
  • ‘इस/उस/जो/जैसा’ विशेषण है, ये सर्वनाम के रूप में भी आते हैं
  • प्रश्न नकारात्मक हों तो वाक्य-अशुद्धि जाँचें
  • लिंग, वचन, कारक में सामंजस्य महत्वपूर्ण

🟡 Standard — Regular Study (2d–2mo)

Standard content for students with a few days to months.

Hindi Grammar and Composition — UPPSC RO/ARO Study Guide

Overview and Context:

UPPSC RO/ARO (Review Officer/Assistant Review Officer) परीक्षा में हिंदी व्याकरण एक महत्वपूर्ण विषय है। सामान्यतः 20-25 अंक हिंदी व्याकरण के प्रश्न आते हैं जिनमें वाक्य-शुद्धि, समास-विग्रह, कारक-चिह्न, लिंग-परिवर्तन, वचन-परिवर्तन, उपसर्ग-प्रत्यय, मुहावरे-लोकोक्तियाँ, त्रुटि-निवारण और संधि-विच्छेद जैसे विषय आते हैं। इन प्रश्नों में उत्तीर्णता दर औसत रहती है, अतः गहन अभ्यास आवश्यक है।

संज्ञा (Sangya/Noun) — Detailed:

संज्ञा के भेद:

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा: किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु को दर्शाता है

    • Examples: राम, दिल्ली, गंगा
  2. जातिवाचक संज्ञा: समस्त जाति या वर्ग को दर्शाता है

    • Examples: कुत्ता, पक्षी, नगर
  3. भाववाचक संज्ञा: किसी भाव, गुण, दशा या क्रिया को व्यक्त करता है

    • Examples: शांति, सत्य, बोलना (रूप बनता है -ना प्रत्यय से)
  4. समूहवाचक संज्ञा: समूह या संग्रह को दर्शाता है

    • Examples: भीड़, टीम, परिवार
  5. द्रव्यवाचक संज्ञा: द्रव्य या पदार्थ को दर्शाता है

    • Examples: सोना, पानी, चावल

लिंग परिवर्तन (Gender Change):

पुल्लिंगस्त्रीलिंगनियम
बालकबालिका-क → -का (कभी-कभी)
पुरुषस्त्रीविशेष शब्द
मातापिताविशेष शब्द
सिंहसिंहनी-नी प्रत्यय
गायबैलविशेष शब्द
कविकवयित्री-इत्री प्रत्यय

वचन परिवर्तन (Number Change):

एकवचनबहुवचन
पुस्तकपुस्तकें, पुस्तकों
बालकबालकों, बालकगण
लड़कीलड़कियाँ, लड़कियों
गायगायें, गायें, गायों

सर्वनाम (Sarvanam/Pronoun) — Detailed:

प्रकारउदाहरण
पुरुषवाचकमैं, तू, वह (प्रथम, द्वितीय, तृतीय)
संबंधवाचकजो, जैसा, जिसका
निश्चयवाचकयह, वह, इस, उस, यहाँ, वहाँ
अनिश्चयवाचककोई, कुछ, जो कोई
प्रश्नवाचककौन, क्या, कहाँ, कैसे
निजवाचकआप, स्वयं, अपने आप

विशेषण (Visheshan/Adjective) — Detailed:

  1. गुणवाचक विशेषण: गुण दर्शाता है

    • Examples: सुंदर, बड़ा, लंबा
  2. परिमाणवाचक विशेषण: मात्रा/संख्या दर्शाता है

    • Examples: कुछ, अधिक, पाँच
  3. संख्यावाचक विशेषण: स्पष्ट संख्या दर्शाता है

    • Examples: एक, दो, तीन (पूर्णांक); पहला, दूसरा (क्रमिक); एक-एक (वितरित)
  4. प्रदर्शन विशेषण: निकट/दूर दर्शाता है

    • Examples: यह, वह, यहाँ, वहाँ

क्रिया और कारक संबंध:

क्रिया के भेद:

  1. सकर्मक क्रिया: कर्म के साथ प्रयुक्त होती है

    • Examples: राम पुस्तक पढ़ता है (राम कर्ता, पुस्तक कर्म)
  2. अकर्मक क्रिया: बिना कर्म के प्रयुक्त होती है

    • Examples: बच्चा सोता है
  3. प्रेरणार्थक क्रिया: कराने का भाव

    • Examples: शिक्षक छात्र को पढ़ाता है (शिक्षक कर्ता, छात्र कर्म)
  4. संयुक्त क्रिया: मुख्य क्रिया + सहायक क्रिया

    • Examples: पढ़ लिया, जा रहा हूँ

काल (Tense) — Detailed:

कालपरिभाषाउदाहरण
वर्तमानचल रहा हैमैं पढ़ता हूँ
भूतकालहो चुकामैंने पढ़ा
भविष्यत्होगामैं पढ़ूँगा
वर्तमान निरंतररहा है/रही हैवह पढ़ रहा है
पूर्ण वर्तमानचुका हैमैं पढ़ चुका हूँ
पूर्ण भूतथा/थी/थेमैं पढ़ चुका था

वाच्य (Voice):

वाच्यपरिवर्तनउदाहरण
कर्तृवाच्यकर्ता प्रधानमैं पुस्तक पढ़ता हूँ
कर्मवाच्यकर्म प्रधानमुझे पुस्तक पढ़ी जाती है
भाववाच्यक्रिया प्रधानमेरे द्वारा पढ़ा जाता है

अलंकार (Alankar/Figures of Speech) — Detailed:

शब्दालंकार (Word Figures):

  1. अनुप्रास: एक ही वर्ण/व्यंजन की आवृत्ति

    • “चंद्र उगा, शंकर चंद्र-कला-धारी” (च/र/द/ध की आवृत्ति)
  2. यमक: एक ही शब्द का प्रयोग एक से अधिक अर्थ में

    • “कहाँ जाओगे कहाँ जाओगे, राधा के चोर”
  3. श्लेष: एक शब्द से अनेक अर्थ

    • “हम सब के साथ सब दिन साथ” (साथ = संग, दिन = समय)

अर्थालंकार (Meaning Figures):

  1. उपमा: ‘के समान/सा’ का प्रयोग

    • “आँखें कमल-समान”
  2. रूपक: उपमा का लोप, अन्यथाख्यापना

    • “तुम मेरे भगवान हो” (भगवान शब्द रूपक)
  3. अतिशयोक्ति: बढ़ा-चढ़ाकर कहना

    • “हजारों वर्ष बाद”
  4. मानवीकरण: अमानवीय को मानवीय गुण देना

    • “चंद्रमा मुस्कुराया”
  5. संदेह: संभावना दर्शाना

    • “जैसे प्रभु सिंहासन पर बैठे हों”

समास (Samas/Compound) — Detailed:

समास के अंग: पूर्वपद और उत्तरपद

समास-प्रकार:

  1. द्वंद्व समास: दो पद, दोनों स्वतंत्र

    • राम-लक्ष्मण (राम और लक्ष्मण दोनों)
    • आज़ाद-पुरुष (आज़ाद पुरुष)
  2. तत्पुरुष समास: मध्य-पद प्रधान

    • राज-कार्य (राजा का कार्य)
    • देश-जीत (देश की जीत)
  3. बहुव्रीहि समास: दोनों पद किसी तीसरे के विशेषण

    • मुख-पत्र (मुख के लिए पत्र = समाचार-पत्र)
    • नील-कमल (नीले रंग का कमल)
  4. कर्मधारय समास: विशेषण + संज्ञा

    • लाल-आँख (लाल आँखें वाला)
    • मीठी-बात (मीठी बात कहने वाला)
  5. द्विगु समास: संख्यावाचक + संज्ञा = समूह

    • पंच-मछली (पाँच मछलियों का समूह)
    • सप्तर्षि (सात ऋषियों का समूह)
  6. प्रादि समास: प्रथम पद प्रधान

    • भीड़-सा (भीड़ के समान)

संधि (Sandhi/Composition) — Detailed:

विसर्ग संधि: विसर्ग (ः) का परिवर्तन

  • अ + ः = अः → कार्य, भवः → भव (ह्रस्व)
  • त + ः = थः → मत + हानि → मतघान
  • थ + ः = थः → अत्य + हारी → अत्याहार

विराम (Punctuation) — Detailed:

चिह्नप्रयोग
अल्पविराम (,)वाक्य के अंगों को पृथक करने में
अर्धविराम (;)वाक्य के बड़े भागों को पृथक करने में
पूर्णविराम (।)वाक्य की समाप्ति में
प्रश्नचिह्न (?)प्रश्नावधि में
विस्मयादिबोधक (!)विस्मय, आश्चर्य में
योगचिह्न (-)अनुवाद, श्रृंखला में
**उद्धरणचिह्न (” “)उद्धरण में

वाक्य-शुद्धि (Sentence Correction) — Common Errors:

  1. कारक-युक्ति: कर्ता-कर्म-क्रिया में सामंजस्य

    • अशुद्ध: “मैंने पुस्तक पढ़ा” ✓ (यह शुद्ध है)
    • अशुद्ध: “उसने चाय पिया” ✓
  2. लिंग-वचन की त्रुटि:

    • अशुद्ध: “वह बहुत बड़ा औरत है” (बड़ी होना चाहिए)
    • शुद्ध: “वह बहुत बड़ी औरत है”
  3. कारक-चिह्न की त्रुटि:

    • अशुद्ध: “वह घर जाता है” (घर में होना चाहिए)
    • शुद्ध: “वह घर में जाता है”
  4. क्रिया-विशेषण की त्रुटि:

    • अशुद्ध: “वह धीरे से चलता है” (धीरे से = विशेषण; धीरे = क्रिया-विशेषण)

मुहावरे और लोकोक्तियाँ:

मुहावरा: जिसके अर्थ का बोध वाक्य से हो लोकोक्ति: जो लोक में प्रचलित हो

मुहावराअर्थ
आँख का ताराबहुत प्यारा
कान में तेल डालनाबहुत सावधान
हाथ का मैलअत्यंत कठिन परिश्रम
नाक में दम करनापरेशान करना
लाला-लाल होनाक्रोधित
मुँह की खानाअपमानित करना
ऊँट के मुँह में जीरेअत्यंत कम

🔴 Extended — Deep Study (3mo+)

Comprehensive coverage for students on a longer study timeline.

Hindi Grammar and Composition — Comprehensive UPPSC Notes

Advanced Grammar Concepts:

पद-परिचय (Word Analysis):

प्रत्येक हिंदी शब्द का पद-परिचय चार दृष्टिकोण से होता है:

  1. स्वरूप: शब्द का मूल रूप
  2. शब्द-भेद: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया आदि
  3. लिंग-वचन-पुरुष: संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण के लिए
  4. कारक-विभक्ति: संज्ञा/सर्वनाम के लिए

उपसर्ग (Upasarga/Prefix) — Complete List:

उपसर्गअर्थउदाहरण
अ (अन)निषेधअज्ञान, अनपढ़
अनु (अनू)पीछे, अनुसारअनुभव, अनुराग
अतिअधिकअतिरिक्त, अतिशय
अधिऊपरअधिकार, अधिवेशन
अनुसाथअनुकूल, अनुरूप
अपनीचे, स्वअपमान, अपवाद
प्रारंभआदर, आश्चर्य
उपनीचे, समीपउपकार, उपदेश
दुस (दु)कठिनदुर्गम, दुर्व्यवहार
नि (निर)बिनानिराशा, निष्क्रिय
परि (प्र)चारों ओरपरिचय, प्रबंध
प्रआगे, श्रेष्ठप्रकाश, प्रशंसा
साथसहयोग, संगठन
वि (विरु)विपरीतविपरीत, विरोध

प्रत्यय (Pratyaya/Suffix) — Complete List:

तद्धित प्रत्यय (Noun-forming):

प्रत्ययअर्थउदाहरण
-ताभावमहान + ता = महत्ता
-तास्थितिदुख + ता = दुखता
-इयसंबंधगुरु + इय = गुरुीय
-ईयभावबालक + ईय = बालकीय
-कारकरने वालाचोर + कार = चोरकार
-ककरने वालालेख + क = लेखक
-नीस्त्रीबालक + नी = बालिका

तद्धित प्रत्यय (Adjective-forming):

प्रत्ययउदाहरण
-मयसोने + मय = सोनेमय
-रीसाथ + री = साथरी
-हिंदेश + हिं = देशहिं
-वान/वालीगुण + वान = गुणवान

कृदंत प्रत्यय (Verb-forming):

प्रत्ययअर्थउदाहरण
-नाकर्ताखाना, पीना
-ताकर्ताखाता, पीता
-हारकरने वालादाता, भोक्ता

विशेष व्याकरण नियम:

समास-विग्रह (Compound Decomposition) — Advanced:

समास पद में प्रायः अंतिम पद प्रधान होता है। तद्घट/तत्पुरुष में कारक-चिह्न का लोप होता है।

समासविग्रहसमास-प्रकार
राज-पुत्रराजा का पुत्रतत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष)
गृह-कार्यगृह के लिए कार्यतत्पुरुष (सप्तमी तत्पुरुष)
दश-ग्रीवदस ग्रीवाओं वालाद्विगु
नील-गिरिनीला पर्वतकर्मधारय
साधु-जनसाधु जनों के समानबहुव्रीहि

षष्ठी तत्पुरुष का विग्रह: पूर्वपद + का/की/के + उत्तरपद

सप्तमी तत्पुरुष का विग्रह: पूर्वपद + में/पर/से + उत्तरपद

द्वितीया तत्पुरुष का विग्रह: पूर्वपद + को + उत्तरपद

तृतीया तत्पुरुष का विग्रह: पूर्वपद + से + उत्तरपद

अलंकार — विस्तृत विवेचन:

शब्दालंकार:

अनुप्रास अलंकार के प्रकार:

  • व्यंजन अनुप्रास: एक ही व्यंजन की आवृत्ति
    • “चारु चंद्र के चरन चाँवर” (च की आवृत्ति)
  • स्वर अनुप्रास: स्वर की आवृत्ति
    • “भानु भास्वर भानुमान” (आ की आवृत्ति)

यमक अलंकार के प्रकार:

  • शब्द-यमक: एक ही शब्द का प्रयोग
    • “राम के राम कहिये, जो राम को जाने”
  • अर्थ-यमक: एक ही अर्थ के विभिन्न शब्द
    • सूर्य, दिनकर, भानु (सबका अर्थ = सूर्य)

श्लेष अलंकार:

  • एकार्थी श्लेष: एक शब्द, अनेक अर्थ
    • “गिरि” = पर्वत और गोपाल गाय
  • प्रावीण्यन्याय्य: दो शब्द, एक अर्थ में
    • “नाथ! मुझ जलंधर से न बचावै”

अर्थालंकार — विस्तृत:

उपमा अलंकार: तुल्यता दर्शाने के लिए ‘के समान/सा/सम’ आदि योग्यता-बोधक उपसर्गों का प्रयोग होता है।

रूपक अलंकार: जब उपमा में ‘के समान’ आदि शब्दों का लोप होकर ‘है/हैं/हो’ में परिवर्तित हो जाए, तब रूपक अलंकार होता है।

मेटानैरिया (रूपक का विकास): जब एक ही उपमेय के लिए अनेक उपमान दिए जाएँ: “वह शांत है, जल की तरह, पहाड़ की तरह, आकाश की तरह”

अतिशयोक्ति अलंकार: वस्तु/व्यक्ति/स्थिति का अत्यंत बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन: “उसकी आवाज़ सुनकर पत्थर भी पिघल जाए”

विरोधाभास अलंकार: एक ही वाक्य में परस्पर विरुद्ध भावों का प्रयोग: “मरकर भी जीवित है वह, जो जीकर भी मर गया”

वाक्य-निर्माण और शैली:

वाक्य के भेद (Meaning-based):

  1. सरल वाक्य: एक कर्ता, एक क्रिया

    • “राम पढ़ता है।”
  2. मिश्र वाक्य: एक मुख्य और एक/अनेक आश्रित उपवाक्य

    • “जब वह आया, तब मैंने पुस्तक पढ़ी।”
  3. संयुक्त वाक्य: दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य

    • “वह आया और मैंने पुस्तक पढ़ी।”

वाक्य के भेद (Structure-based):

प्रकारपरिभाषाउदाहरण
विधायककिसी बात की जानकारीवह पढ़ता है।
इच्छाबोधकइच्छा, चाहवह पढ़े।
निषेधाबोधकनहीं होने का बोधवह नहीं पढ़ता।
प्रश्नाबोधकप्रश्नक्या वह पढ़ता है?
विस्मयाबोधकविस्मयवह कितना पढ़ता है!
आज्ञाबोधकआदेशपढ़ो!

शुद्ध वर्तनी (Correct Spelling):

अशुद्धशुद्ध
प्रशंसितप्रशंसित (prashanshit)
विशेषतःविशेषतः (visheshatah)
सौंपनासौंपना (saumpna)
पृथकपृथक (prithak)
श्रृंखलाश्रृंखला (shrankhla)
लाभान्वितलाभान्वित (labhanvit)

विराम-चिह्नों का सही प्रयोग:

अल्पविराम (,) का प्रयोग:

  • सूची में: आज, कल, परसों
  • उपवाक्यों में: जब वह आया, तब मैंने पुस्तक पढ़ी।
  • संबोधन में: राम, तुम जाओ।
  • विशेषण के पहले: यह सुंदर, बड़ा घर है।

मात्रिक छंद — Basic:

वर्ण-मात्रा गणना:

छंदविशेषता
मालाप्रति पंक्ति 16 मात्रा
सोरठाविषम पंक्ति में 12, सम पंक्ति में 8 मात्रा
दोहाविषम पंक्ति में 13, सम पंक्ति में 11 मात्रा
चौपाईप्रति पंक्ति 16 मात्रा

UPPSC-specific Preparation Strategy:

परीक्षा-पद्धति:

  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice)
  • 25 अंक हिंदी व्याकरण
  • समय: 2.5 घंटे (सामान्य हिंदी + तर्कशक्ति)

अध्ययन-क्रम:

  1. प्रथम सप्ताह: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण
  2. द्वितीय सप्ताह: क्रिया, कारक, वाच्य, काल
  3. तृतीय सप्ताह: समास, संधि, उपसर्ग-प्रत्यय
  4. चतुर्थ सप्ताह: वाक्य-शुद्धि, अलंकार, मुहावरे

Previous Year Trends:

  • समास-विग्रह अधिक आता है
  • वाक्य-शुद्धि में कर्तृ-कर्म की सामंजस्यता पूछी जाती है
  • लोकोक्तियों का अर्थ पूछा जाता है

Practice Questions:

प्रश्न 1: ‘राजा’ का बहुवचन क्या है? उत्तर: राजा → राजागण, राजो, राजा लोग (राजा itself can be used as plural in Hindi)

प्रश्न 2: ‘वह पुस्तक पढ़ता है’ का कर्मवाच्य में परिवर्तन करें। उत्तर: कर्मवाच्य में: पुस्तक उसके द्वारा पढ़ी जाती है।

प्रश्न 3: ‘राम-सीता’ समास का नाम और विग्रह दें। उत्तर: द्वंद्व समास; राम और सीता

प्रश्न 4: ‘अत्याचार’ में उपसर्ग और मूल शब्द पहचानें। उत्तर: अति + आचार; ‘अति’ उपसर्ग है, ‘आचार’ मूल शब्द है।

प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करें: “मैंने उसको चाय दिया।” उत्तर: शुद्ध: “उसको मैंने चाय दी।” (कारक के अनुसार कर्म को प्रथम स्थान)

Common Mistakes in UPPSC:

  1. समास में ‘इक’ बनाम ‘ईय’ का भ्रम
  2. कारक-चिह्न लगाने में ‘ने’ और ‘को’ का भ्रम
  3. तत्पुरुष और बहुव्रीहि में अंतर न कर पाना
  4. लिंग-परिवर्तन में नियमित और अनियमित शब्दों का भ्रम

अतिरिक्त संसाधन:

  1. मानक हिंदी व्याकरण — कृष्ण कुमार गोस्वामी
  2. हिंदी व्याकरण — पं. रामचंद्र शर्मा
  3. सविता हिंदी व्याकरण कोश — वाग्गर्थ कार्यालय

केवल अभ्यास से ही सफलता — प्रतिदिन कम से कम 20 प्रश्नों का अभ्यास करें।


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